दिल्ली NCR के ज़्यादातर वाइल्डलाइफ़ प्रेमी जिम कॉर्बेट से शुरुआत करते हैं। कुछ ट्रिप के बाद वही ज़ोन, वीकेंड की भीड़ और आख़िरी हिस्से की धीमी सड़क पुरानी लगने लगती है। उत्तर प्रदेश के तराई में दुधवा टाइगर रिज़र्व वो जंगल है जिसे ये लोग आगे चुनते हैं।
दिल्ली से दोनों जगह सड़क से लगभग 7 घंटे लगते हैं। नीचे ईमानदार तुलना है, और ये भी कि कहाँ कॉर्बेट अब भी बेहतर है।
| जिम कॉर्बेट | दुधवा (DTR Jungle Hideaways) | |
|---|---|---|
| दिल्ली से ड्राइव | ढनगढ़ी गेट तक ~7 घंटे | किशनपुर गेट पर हमारे रिज़ॉर्ट तक ~7 घंटे |
| और कैसे पहुँचें | रामनगर तक ट्रेन | रात की ट्रेन से बरेली या शाहजहाँपुर + हमारा पिकअप |
| बाघ (ताज़ा अनुमान) | 260 (2022, देश में सबसे ज़्यादा) | 135 (उत्तर प्रदेश वन विभाग) |
| एक सींग वाला गैंडा | नहीं | हाँ, दुधवा ज़ोन 1 का राइनो एरिया |
| ख़ास वन्यजीव | बाघ, हाथी, रामगंगा नदी के नज़ारे | बाघ, गैंडा, बारहसिंगा; कतर्नियाघाट में गंगा डॉल्फ़िन और घड़ियाल |
| भीड़ | बहुत ज़्यादा; ढिकाला की बुकिंग खुलते ही भर जाती है | काफ़ी कम पर्यटक, शांत सफारी |
| स्टे और सफारी गेट | ढिकाला लॉज ढनगढ़ी गेट से 32 किमी अंदर; ज़्यादातर रिज़ॉर्ट रामनगर के आसपास | किशनपुर ज़ोन गेट से 2-3 मिनट |
| सफारी बुकिंग | ऑनलाइन परमिट; ढिकाला भारतीयों के लिए 45 दिन पहले खुलता है | परमिट और जीप सफारी हमारी टीम बुक करती है |
| सीज़न | ढिकाला: 15 नवंबर - 15 जून | 15 नवंबर - 15 जून |
स्रोत: ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन 2022 (कॉर्बेट); उत्तर प्रदेश वन विभाग, अख़बारों के अनुसार (दुधवा); कॉर्बेट बुकिंग नियम, 2025 की रिपोर्ट के अनुसार। आँकड़े और नियम बदल सकते हैं।
हमारी राय में दोनों देखने लायक हैं। कॉर्बेट हो गया है, तो अगला क़दम दुधवा है।
दोनों ट्रिप दिल्ली से NH9 पर गाज़ियाबाद, गढ़मुक्तेश्वर और मुरादाबाद होकर निकलती हैं। कॉर्बेट के लिए आप काशीपुर और रामनगर की ओर मुड़ते हैं; हमारे और हमारे मेहमानों के अनुभव में ये आख़िरी हिस्सा अक्सर धीमा रहता है, सड़क जगह-जगह ख़राब और वीकेंड पर भारी ट्रैफ़िक।
दुधवा के लिए आप NH9 पर ही रहते हैं, जो बरेली तक ज़्यादातर फ़ोर-लेन है, फिर पीलीभीत, पूरनपुर और मैलानी होकर शांत सड़क से किशनपुर गेट पहुँचते हैं। पूरा रास्ता: दिल्ली से दुधवा कैसे जाएं।
English में पूरा प्लान: Wildlife weekend from Delhi।
सीधे बुक करने वाले मेहमानों को रैक रेट से काफ़ी कम में कमरा, और नाश्ता कमरे के रेट में शामिल।
ऑल-मील प्लान (नाश्ता, लंच, हाई-टी, डिनर) रैक रेट से 20% कम में।
आप सीधे रिज़ॉर्ट की टीम से बात करते हैं, इसलिए स्टे और खाने पर कोई एजेंट मार्जिन नहीं जुड़ता।
फ़ॉरेस्ट परमिट और जीप सफारी हम बुक करते हैं और आपके स्टे के हिसाब से प्लान करते हैं।
छूट इंस्टेंट कोटेशन में रैक रेट के मुक़ाबले दिखाई जाती है। कमरे की छूट तारीख़ (वीकडे, वीकेंड या त्योहार) पर निर्भर है।
दोनों अलग तरह के यात्रियों के लिए हैं। कॉर्बेट में बाघ ज़्यादा हैं, रिज़ॉर्ट ज़्यादा हैं और पहाड़-नदी के नज़ारे हैं। दुधवा शांत है, यहाँ एक सींग वाला गैंडा और बारहसिंगा देखने को मिलते हैं, और DTR Jungle Hideaways में आप किशनपुर सफारी गेट से सिर्फ़ 2-3 मिनट दूर रहते हैं। कॉर्बेट घूम चुके दिल्ली के कई लोग नए जंगल के लिए दुधवा चुनते हैं।
कॉर्बेट में। ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन 2022 में कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में 260 बाघ गिने गए, जो किसी भी रिज़र्व में सबसे ज़्यादा है। उत्तर प्रदेश वन विभाग के अनुसार दुधवा टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या बढ़कर 135 हुई है। साइटिंग दोनों जगह ज़ोन, मौसम और क़िस्मत पर निर्भर करती है।
दोनों में सड़क से लगभग 7 घंटे लगते हैं: कॉर्बेट के लिए ढिकाला के ढनगढ़ी गेट तक, और दुधवा के लिए किशनपुर गेट पर DTR Jungle Hideaways तक। दुधवा के लिए आप रात की ट्रेन से बरेली या शाहजहाँपुर भी आ सकते हैं, वहाँ से हम पिकअप करते हैं।
नहीं। कॉर्बेट में एक सींग वाला गैंडा नहीं है। दुधवा में ये दुधवा ज़ोन 1 के राइनो एरिया में दिखते हैं, सुबह हाथी पर और दोपहर में गाड़ी से।
हाँ। कॉर्बेट देश के सबसे व्यस्त टाइगर रिज़र्व में से है; ढिकाला ज़ोन की बुकिंग खुलते ही जल्दी भर जाती है। दुधवा में पर्यटक काफ़ी कम आते हैं, इसलिए सफारी शांत रहती है और स्लॉट मिलना आसान होता है। फिर भी वीकेंड और छुट्टियों में पहले से बुकिंग ज़रूरी है।
कॉर्बेट का ढिकाला ज़ोन और दुधवा टाइगर रिज़र्व दोनों आम तौर पर 15 नवंबर को खुलते हैं और 15 जून को मानसून के लिए बंद होते हैं। सही तारीख़ें हर साल वन विभाग घोषित करता है।
हाँ। सीधे बुक करने पर कमरे रैक रेट से 44% तक कम में मिलते हैं और नाश्ता शामिल है, और ऑल-मील प्लान रैक रेट से 20% कम है। कोई एजेंट मार्जिन नहीं, और सफारी भी हमारी टीम बुक करती है। इंस्टेंट कोटेशन देखें या WhatsApp करें +91 95606 47536।
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अपनी तारीख़ें और लोगों की संख्या भेजिए। हम कमरे, सफारी स्लॉट और दिल्ली से आने का सबसे अच्छा तरीका बता देंगे।