हर साल मानसून में दुधवा का जंगल बंद हो जाता है और सर्दियों में सफारी के लिए फिर खुलता है। अगर आप नवंबर 2026 से जून 2027 के बीच दुधवा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो बुकिंग से पहले ये बातें जान लें।
सीज़न कब खुलता है?
दुधवा टाइगर रिज़र्व, जिसमें किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और कतर्नियाघाट भी शामिल हैं, इस बार 1 नवंबर 2026 को खुल रहा है, जो आम तारीख़ 15 नवंबर से दो हफ़्ते पहले है, और आमतौर पर 15 जून तक खुला रहता है। मानसून में जंगल के अंदर के रास्ते ख़राब हो जाते हैं, इसलिए पार्क बंद रहता है। हमसे बुक करने पर हम तारीख़ और आपका स्लॉट दोबारा पक्का करते हैं।

तीन ज़ोन, एक-एक लाइन में
- किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य: बाघ के लिए सबसे जाना-माना ज़ोन; झादी ताल पर बारहसिंगा और पक्षी। गेट हमारे रिज़ॉर्ट से 2-3 मिनट।
- दुधवा ज़ोन 1: घना जंगल, हाथियों के झुंड और राइनो एरिया जहाँ एक सींग वाला गैंडा दिखता है। हमारे रिज़ॉर्ट से लगभग 35-40 मिनट।
- कतर्नियाघाट: गेरुआ नदी, गंगा डॉल्फ़िन और घड़ियाल। लगभग 2-2.5 घंटे दूर, पूरे दिन की ट्रिप के लिए सही।
किस महीने जाएँ?
- नवंबर से फ़रवरी: ठंडे दिन, सुबह काफ़ी ठंड, बहुत सारे पक्षी। सर्दियों के प्रवासी पक्षी झादी ताल पर आते हैं।
- मार्च से जून के बीच तक: गर्म दिन और बाघ देखने के लिए बेहतर महीने।
किसी भी महीने में जानवर दिखने की गारंटी नहीं होती।
सफारी का समय
- सर्दी: सुबह 6:00-10:00 और दोपहर 2:30 बजे से सूर्यास्त तक
- गर्मी: सुबह 5:00-9:30 और दोपहर 3:00 बजे से सूर्यास्त तक
सुबह की सफारी के लिए गेट के पास रुकना सबसे ज़्यादा काम आता है। हमारे रिज़ॉर्ट से किशनपुर गेट 2-3 मिनट में पहुँच जाते हैं।
सफारी कैसे बुक करें
- ख़ुद: UP Ecotourism की वेबसाइट (upecotourism.in) पर जगह, तारीख़, गाड़ियों की संख्या और शिफ़्ट चुनकर।
- हमारे ज़रिए: WhatsApp पर अपनी तारीख़ें और लोगों की संख्या भेजें। हमारी टीम कमरे, खाने और पिकअप के साथ परमिट और जीप सफारी भी बुक करती है।
क्रिसमस से नए साल का हफ़्ता, लंबे वीकेंड और होली पर कमरे और सफारी दोनों जल्दी भर जाते हैं, इसलिए 3-4 हफ़्ते पहले बुक करें।
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